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Tuesday, 4 February 2014

बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाओ के साथ माँ शारदे से एक प्रार्थना

माँ शारदे इतनी कृपा कर दे ,
मेरी लेखनी में थोड़ी ताकत भर दे |

वतन के कुछ काम आ जाऊ,
सोयी अवाम को शब्दों से जगा जाऊ ,
लिए कलम तलवारों से टकरा जाऊ,
मेरे दिल में वो हिमाकत भर दे |

इंसानों में इंसानियत जगा जाऊ ,
जंहा में अमन की लौ जला जाऊ ,
फिज़ाओ में शांति की लहर बहा जाऊ ,
मेरे शब्दों में वो बरकत भर दे |

“विशाल”जो लिखु बेबाक लिख जाऊ,
दिलो के दर्दो में झांक पाऊ,
मन के भावो को भी पढ़ जाऊ ,
मेरी ज्ञानेन्द्रियो में वो नजाकत भर दे ,

माँ शारदे इतनी कृपा कर दे ,
मेरी लेखनी में थोड़ी ताकत भर दे |
                                   
                       :- विशाल सर्राफ धमोरा 

Monday, 3 February 2014

साँपो की राजनीती

आजकल अख़बार पढ़कर सापों के बीच एक ख़ुशी फैली हुयी है ,
जहरीले उस माहोल में एक मदहोशी फैली हुयी है |

पुराने से पुराने दस्तावेज़ खंगाले जा रहे है ,
लापता हुए ‘जहरीलो’ के नाम ढूंढे जा रहे है |

एक उम्मीद से उनकी आँखे चमकी हुयी है,
की राजनीती में उनकी बिरादरी भी डटी हुयी है |

बड़े-बुढे उनकी पहचान के  कयास लगा रहे है ,
बच्चे त्यौहार की उम्मीद में ख़ुशी मना रहे है |

साँप राजनीती में है जब से नेवलो ने सुना है ,
तब से उनकी प्रजाति बिलों में अटकी हुयी है |

साँप बिलों से निकल आतंक फैला रहें है,
आखिर उनके रिश्तेदार देश चला रहे है |

इंसानी दिलो में मातम की कीलें धंसी हुयी है ,
“विशाल” उनके जीवन की डोर साँपो के बीच फंसी हुयी है |

                          :- विशाल सर्राफ ‘धमोरा’

Sunday, 2 February 2014

हार और जीत

इस एक हार से खुद को इस कदर न निराश करो,
जीत मिल जायेगी देर सबेर एक और प्रयास करो |

एक हार से जिंदगी नही रुक जाती है,
सच है कई मुश्किलों के बाद ही मंजिल मिल पाती है |

तुम हर पल हर वक़्त यु मायूसी की ना बात करो,
जीत मिल जायेगी देर सबेर एक और प्रयास करो |

हार दोस्त है तुम्हारी जो जितना सिखाती है,
एक लम्बी रात के बाद ही तो नई सुबह आती है |

राजा और मकड़ी की गाथा का मन में अहसास करो,
जीत मिल जायेगी देर सबेर एक और प्रयास करो |

हार एक मशाल है जो राह दिखाती है,
हार के कदमो पर चलकर ही तो जीत द्वार पे आती है |

ना छोडो उम्मीदों का दामन फिर से नयी आस करो,
जीत मिल जायेगी देर सबेर एक और प्रयास करो |

हार एक दीया है जिसमे उम्मीदों की बाती है,
जब कोशिशो का तेल डालता है तभी रौशनी मिल पाती है |

‘विशाल’ की इन बातो पर दिल से विश्वास करो,
जीत मिल जायेगी देर सबेर एक और प्रयास करो |

                                       :- विशाल सर्राफ " धमोरा "